Showing posts with label अपनी साँसों में ठहरकर देखो. Show all posts
Showing posts with label अपनी साँसों में ठहरकर देखो. Show all posts

Wednesday, June 10, 2009

$******* अपनी साँसों में ठहरकर देखो*******
*****************************
*
* और कितने पल यूहीं हाथ पर हाथ धरे बैठोगे ।
कभी तो इन टेढी - मेढ़ी राहों पे चलकर देखो ॥ *
*
* कब तलक गैरों की तरफ़ उंगलियाँ उठाओगे ।
कभी, किसी पल तो अपने हाथों को भी मलकर देखो ॥ *
*
* कब तलक उठी निगाहों से आसमां को कोसोगे ।
कभी तो पैरों तले की ज़मीं पर चलकर देखो ॥ *
*
* कब तलक यूहीं चुप चाप अपनी खामोशियों में गूंजोगे ।
कभी, किसी पल तो अपने लबों से निकलकर देखो ॥ *
*
* कब तलक अपनी पलकों में अश्कों को छिपाओगे ।
कभी किसी पल तो यूहीं अपनी पलकों से छलककर देखो ॥ *
*
* कब तलक भागते रहोगे अपने होने से ।
कभी कभी तो यूहीं अपनी साँसों में ठहरकर देखो ॥ *
********************